Monday, 6 February 2017

व्यक्ति ओर व्यक्तित्व




           व्यक्ति क्या है ? समाज की उपज है |
            बिना  व्यक्ति के, समाज नहीं संभव है |
            व्यक्ति है क्या ? एक आईना है |
            गुर्णों  को समझने का, एक आईना है ||

            जैसे आईने मैं तस्वीर दिखाए देती है |
            उसी तरह व्यक्ति मैं एक छाप समायी रहती है|
            व्यक्ति  का उजागर उसके गुर्णों से होता है |
            अच्छा बुरा और महान उसे व्यक्ति ही बनाता है||

            जैसा हमारा तन, मन, बल और मनोबल |
            अध्यात्म से ही मिलता, व्यक्ति को ये संबल|
            समझो मेरे भाई, व्यक्ति ही है कुंजी |
            मानवता के विकास की, सबसे बड़े है पूंजी ||  

                                           -  डॉ. मीनाक्षी सिंह

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